उत्तराखंड की पवित्र हिमालयी चोटियों पर विराजमान बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा केदारनाथ के दर्शन करना हर हिंदू का सपना होता है। साल 2026 में चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। यदि आप भी इस वर्ष अपने परिवार या दोस्तों के साथ केदारनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यात्रा का शेड्यूल क्या है।
अक्सर अधूरी जानकारी के कारण श्रद्धालु समय से पहले या यात्रा समाप्त होने के बाद की टिकटें बुक कर लेते हैं, जिससे उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। खासकर जब बात हेलीकॉप्टर बुकिंग और होटल रिजर्वेशन की हो, तो सटीक तारीखों की जानकारी होना पैसों और समय दोनों की बर्बादी से बचाता है। आइए विस्तार से जानते हैं साल 2026 के लिए केदारनाथ धाम के कपाट खुलने और बंद होने का सटीक समय, साथ ही इस वर्ष प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए नियम।
कब खुलते हैं बाबा केदारनाथ के कपाट? (यात्रा की शुरुआत)
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की कोई एक स्थायी तारीख नहीं होती। इसकी तिथि हर साल हिंदू पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की गणना के आधार पर महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर तय की जाती है। यह एक सदियों पुरानी परंपरा है जिसका आज भी पूरी आस्था के साथ पालन किया जाता है।
साल 2026 का अपडेट: इस वर्ष महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के दिन ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में रावल (मुख्य पुजारी) द्वारा पंचांग गणना के बाद कपाट खुलने की तारीख घोषित की गई थी। इसके अनुसार, साल 2026 में बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जा चुके हैं। वर्तमान में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। कपाट खुलने के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद थे और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा केदारघाटी गूंज उठा था।
कब बंद होंगे केदारनाथ के कपाट? (यात्रा का समापन)
कपाट खुलने की तरह, कपाट बंद होने के लिए किसी नई पंचांग गणना की आवश्यकता नहीं होती है। इसकी तिथि पहले से ही हिंदू मान्यताओं के अनुसार निर्धारित है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
कपाट बंद होने का दिन: हर साल दीपावली के ठीक दो दिन बाद, यानी भैया दूज (यम द्वितीया) के पावन पर्व पर बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल (सर्दियों) के लिए विधि-विधान से बंद कर दिए जाते हैं।
साल 2026 की तिथि: इस साल केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए बंद किए जाने की पूरी संभावना है। भैया दूज के दिन सुबह विशेष भस्म आरती और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट अगले छह महीनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस अवसर पर सेना के बैंड की धुनों के साथ बाबा की विदाई होती है, जो एक बेहद भावुक और आध्यात्मिक क्षण होता है।
सर्दियों में कहाँ होते हैं बाबा केदार के दर्शन? (शीतकालीन प्रवास)
जब 11 नवंबर 2026 के बाद भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो जाएंगे और पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक जाएगा, तब भी बाबा की पूजा नहीं रुकती। कपाट बंद होने के बाद, भगवान शिव की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली को पूरे सम्मान और सेना की टुकड़ी के साथ पैदल मार्ग से नीचे लाया जाता है।
अगले छह महीनों (शीतकाल) तक बाबा केदार की नियमित पूजा ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में होती है। यदि आप सर्दियों के शांत मौसम में दर्शन करना चाहते हैं और भीड़-भाड़ से बचना चाहते हैं, तो आप सीधे ऊखीमठ जाकर दर्शन लाभ ले सकते हैं।
2026 में यात्रा प्लान करने से पहले 3 सबसे जरूरी बातें
अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration): इस वर्ष (2026) प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है। यात्रा पर निकलने से पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या मोबाइल ऐप ‘Tourist Care Uttarakhand’ पर अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं और अपना QR कोड पास हमेशा अपने साथ रखें। बिना वैध QR पास के आपको सोनप्रयाग या फाटा से आगे बढ़ने की अनुमति किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी।
मौसम की मार और स्वास्थ्य: केदारनाथ धाम 3,583 मीटर (11,755 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जहां मौसम पल-पल बदलता है। यदि आप मानसून (जुलाई-अगस्त) में आ रहे हैं, तो भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर लगातार अलर्ट रहें। वहीं, सितंबर-अक्टूबर का समय दर्शन के लिए सबसे अनुकूल और साफ माना जाता है। अपनी मेडिकल जांच जरूर करवाएं और यदि आपको सांस या हृदय संबंधी कोई भी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें।
हेलीकॉप्टर बुकिंग फ्रॉड से बचें: केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर की टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (heliyatra.irctc.co.in) के माध्यम से ही बुक होती है। 2026 में हेलिकॉप्टर की डिमांड बहुत ज्यादा होने के कारण कई फर्जी वेबसाइट्स सक्रिय हो गई हैं। किसी भी अनाधिकृत ट्रैवल एजेंट के झांसे में आकर एडवांस पेमेंट बिल्कुल न करें। सही जानकारी और उचित योजना के साथ ही अपनी यात्रा की शुरुआत करें, ताकि आप बाबा केदार के दर्शन बिना किसी बाधा और परेशानी के कर सकें।



