माँ सिद्धिदात्री: जीवन-चरित (पुराण-आधारित)
नवदुर्गा के नवम उपास्य रूप के रूप में स्मृत माँ सिद्धिदात्री शक्ति-तत्त्व की कृपामयी धारा हैं, जो साधक को सिद्धि—अर्थात् आध्यात्मिक/योगिक पराक्रम…
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नवदुर्गा के नवम उपास्य रूप के रूप में स्मृत माँ सिद्धिदात्री शक्ति-तत्त्व की कृपामयी धारा हैं, जो साधक को सिद्धि—अर्थात् आध्यात्मिक/योगिक पराक्रम…
Read More →नवदुर्गा के अष्टम उपास्य रूप के रूप में स्मृत माँ महागौरी शक्ति-तत्त्व की सौम्य, कल्याणमयी और पाप-ताप-हरिणी धारा का प्रतिनिधित्व करती हैं।…
Read More →नवदुर्गा के सातवें उपास्य आयाम के रूप में स्मृत माँ कालरात्रि शक्ति-तत्त्व की उग्र-अभिव्यक्ति हैं—भय, तमस और अधर्म-वृत्तियों का नाश कर साधक…
Read More →माँ कात्यायनी, शक्ति-तत्त्व का वह तेजस्वी आयाम हैं जो धर्म-रक्षा, दैत्य-विनाश और साधक-रक्षा—तीनों को एक साथ प्रत्यक्ष करता है। शाक्त-धारा में आदिशक्ति…
Read More →नवदुर्गा के अनुक्रम में स्मृत माँ स्कन्दमाता शक्ति-तत्त्व की मातृ-छाया, धर्म-पालन और वीर्य-सम्बल का आदर्श रूप मानी जाती हैं। “स्कन्द” अर्थात् देवसेनापति…
Read More →परिचय: कौन हैं महर्षि वाल्मीकि (आदि-कवि) — लेख का उद्देश्य और स्रोत-सीमा भारतीय काव्य-परम्परा में महर्षि वाल्मीकि को ‘आदि-कवि’ के रूप में…
Read More →नवदुर्गा के चतुर्थ स्वरूप के रूप में पूज्य माँ कूष्माण्डा शक्ति-तत्त्व की सृष्टि-प्रवर्तक, पालनकारी और भय-नाशिनी धारणा का प्रतिनिधित्व करती हैं। शाक्त-परम्परा…
Read More →माँ चन्द्रघण्टा नवदुर्गा के तृतीय स्वरूप के रूप में व्यापक रूप से पूजित हैं। शैव और शक्ति—दोनों परम्पराओं में उनकी महिमा वर्णित…
Read More →ब्रह्मचर्य, तप और देवी‑तत्त्व पुराण‑परंपरा में देवी के असंख्य नाम और रूप वर्णित हैं। उन्हीं में से एक रूप माँ ब्रह्मचारिणी के…
Read More →शैल, शक्ति और शैलपुत्री भारतीय पुराण‑परंपरा में देवी की असंख्य उपाधियाँ और रूप वर्णित हैं। उन्हीं में से एक अत्यंत लोकप्रिय और…
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