Shravan Month : श्रावण मास, जिसे हिंदी पंचांग के अनुसार पांचवां महीना कहा जाता है, भगवान शिव को समर्पित अत्यंत पावन मास है। यह मास धार्मिक आस्था, संयम, व्रत, पूजा और साधना का प्रतीक होता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि श्रावण मास में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। इस महीने में भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म, आक आदि अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि यही वह समय है जब समुद्र मंथन हुआ था और भगवान शिव ने विषपान कर संसार की रक्षा की थी।
Table of Contents
2.श्रावण मास में क्या करें? Shravan Month:What to do.
1. रोजाना शिव पूजा करें
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी और शुद्ध जल से अभिषेक करें (अगर सभी न हो तो केवल जल अर्पण करें)।
- बेलपत्र, आक, धतूरा, भस्म, फल-फूल अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें – कम से कम 108 बार।
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2. सोमवार व्रत रखें
- श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखने की परंपरा है।
- इस दिन शिव जी का विशेष पूजन किया जाता है और दिनभर फलाहार पर रहते हैं।
3. दान-पुण्य करें
- गरीबों को अन्न, वस्त्र, जल आदि का दान करें।
- मंदिरों में शिव जी के नाम से रुद्राभिषेक या जलाभिषेक करवाएं।
4. सात्विक जीवनशैली अपनाएं
- इस मास में संयमित दिनचर्या अपनाएं।
- नित्य हवन, भजन-कीर्तन और धार्मिक ग्रंथों का पठन करें।
- क्रोध, निंदा, झूठ, द्वेष से बचें।
5. रुद्राष्टक, शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें
- प्रतिदिन या विशेषकर सोमवार को इन स्तुतियों का पाठ करें।
- मानसिक शांति और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।
3.श्रावण मास में क्या नहीं करें? Shravan Month:What Not to do.
1. मांस-मदिरा का सेवन न करें
श्रावण मास में यह विशेष रूप से वर्जित है। यह शरीर और आत्मा दोनों को अशुद्ध करता है।
2. प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन न करें
सात्विक आहार अपनाने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।।
3. काले कपड़े न पहनें
इस महीने में काले या बहुत गहरे रंगों के वस्त्र पहनना अशुभ माना जाता है। सफेद, पीले या हल्के रंग शुभ माने जाते हैं।
4. शिवलिंग पर हल्दी न चढ़ाएं
शिव जी को हल्दी अर्पित करना वर्जित है क्योंकि यह देवी पूजा की वस्तु है।
5. रात्रि में शिवलिंग को जल न चढ़ाएं
जलाभिषेक केवल प्रातः या दोपहर में करें।
4.श्रावण मास की सरल पूजा विधि (घर पर):Shravan Month At Home.
- स्थान चुनें – घर के मंदिर में भगवान शिव की तस्वीर या लघु शिवलिंग रखें।
- साफ-सफाई करें – पूजा से पूर्व स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- ध्यान लगाएं – भगवान शिव का ध्यान करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र जपें।
- अर्पण करें – शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध अर्पित करें।
- दीप जलाएं – घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं।
- प्रसाद रखें – फल, मिठाई या फलाहार अर्पित करें।
- आरती करें – शिव जी की आरती गाएं।
निष्कर्ष
इस पावन अवसर पर यदि हम विधिपूर्वक शिव आराधना करते हैं, संयमित जीवनशैली अपनाते हैं और अपने आचरण में सुधार लाते हैं,तो केवल आध्यात्मिक लाभ ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि भी प्राप्त होती है।श्रावण मास हमें याद दिलाता है कि ईश्वर भक्ति के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।
इसलिए शिव भक्ति के साथ अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक कर्तव्यों को निष्ठा से निभाएं।
“शिव आराधना करें, और साथ ही अपना कार्य भी पूरे समर्पण से करें – यही सच्चा धर्म है।”
**श्रावण मास की आप सभी को शुभकामनाएं – हर हर महादेव!**
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